मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) ने बीएड पाठ्यक्रम की फीस को लेकर नई अधिसूचना जारी की है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि राज्यपाल सचिवालय, बिहार लोक भवन, पटना के निर्देश के आलोक में यह फैसला लिया गया है।
नई अधिसूचना के तहत विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत संचालित सभी अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में चल रहे दो वर्षीय बीएड (सेल्फ फाइनेंसिंग मोड) कोर्स की कुल फीस 1 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 1 लाख 36 हजार 840 रुपये कोर्स फीस तथा 13 हजार 160 रुपये एकमुश्त विकास शुल्क शामिल है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नई फीस संरचना शिक्षा विभाग सहित उन सभी संस्थानों पर लागू होगी, जहां बीएड कोर्स संचालित हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय सरकार के निर्देशानुसार लिया गया है और इसका उद्देश्य पाठ्यक्रम संचालन एवं संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।
अब तक विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में संचालित बीएड कोर्स के लिए 1 लाख 5 हजार रुपये फीस ली जाती थी, जबकि संबद्ध कॉलेजों में पहले से ही 1 लाख 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित था। ऐसे में नई अधिसूचना के बाद अंगीभूत कॉलेजों के छात्रों पर सीधे तौर पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जबकि संबद्ध कॉलेजों की फीस पहले जैसी ही रहेगी।
फीस बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ छात्र संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि बीते कई वर्षों से विश्वविद्यालय प्रशासन फीस बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन छात्रों के आंदोलन के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका।
छात्र नेताओं ने कहा कि मधेपुरा और आसपास का इलाका आर्थिक रूप से पिछड़ा है, जहां अधिकतर छात्र गरीब एवं निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं। ऐसे में इतनी अधिक फीस देना उनके लिए संभव नहीं है। उनका कहना है कि इस फैसले से कई छात्रों का बीएड करने का सपना अधूरा रह सकता है।
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और फीस कम की जाए, ताकि सभी वर्गों के छात्र आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


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