सीतामढ़ी: जिले की पुलिस व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बैरगनिया थाना के थानाध्यक्ष राहुल कुमार पर एक छात्रा ने शादी का झांसा देकर सात वर्षों तक यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और पुलिस महकमे की साख पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, सहरसा जिले की रहने वाली अवंतिका कुमारी, जो फिलहाल पटना के शास्त्रीनगर इलाके में रहकर पढ़ाई कर रही है, ने सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक अमित रंजन से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है। युवती का आरोप है कि गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के जमुआवा निवासी और वर्तमान में बैरगनिया थाना में तैनात थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने उसे शादी का झांसा देकर पिछले सात वर्षों तक शारीरिक शोषण किया।
पीड़िता के मुताबिक, कई वर्ष पहले राहुल कुमार से उसकी पहचान हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया। इसी भरोसे में उसने संबंध बनाए, लेकिन जब भी युवती शादी की बात करती, तो आरोपी किसी न किसी बहाने से बात टाल देता था। सात वर्षों तक लगातार आश्वासन मिलने के बाद भी शादी नहीं होने पर युवती को अपने साथ हुए कथित धोखे का एहसास हुआ।
पीड़िता ने पटना के शास्त्रीनगर थाना में सनहा दर्ज कराया है और सीतामढ़ी एसपी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मीडिया के सामने भी युवती ने अपनी आपबीती सुनाई और राहुल कुमार के साथ अपनी कुछ तस्वीरें साझा करने का दावा किया है।
इधर, एक थानाध्यक्ष पर इतने गंभीर आरोप लगने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि वर्दी पहनने वाले अधिकारी पर ही ऐसे आरोप लगते हैं तो आम लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।
हालांकि, इस मामले में सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने बताया कि पीड़िता से बात हुई है। उनका कहना है कि घटना पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है और पीड़िता को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है, लेकिन वह अभी तक सामने नहीं आई है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत शादी का झूठा वादा कर किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर सीतामढ़ी जिले में चर्चाओं का दौर जारी है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन पर टिकी है कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।

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