सुपौल जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सुपौल नगर परिषद वार्ड संख्या-13 निवासी और मध्य विद्यालय चकडुमरिया में कार्यरत शिक्षिका कल्याणी स्वरूपा की लिखी देशभक्ति रचना अब मशहूर पार्श्व गायक Kumar Sanu की आवाज में पूरे देश में गूंजने जा रही है। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 के मौके पर उनका लिखा देशभक्ति गीत रिलीज किया जाएगा। इस खबर के सामने आते ही पूरे सुपौल जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
कल्याणी स्वरूपा की रचनात्मक यात्रा कई वर्षों पुरानी है। पेशे से शिक्षिका होने के बावजूद उन्होंने अपने भीतर की लेखिका और गीतकार को हमेशा जीवित रखा। उनकी पुस्तक “अंदाज जिंदगी के” में शामिल 14 देशभक्ति गीतों में से एक गीत — “जब कभी हम अपना तिरंगा लहराएंगे, सीमा से जो न लौटे वह शहीद याद आएंगे” — को चयनित किया गया है, जिसे अब Kumar Sanu ने अपनी आवाज दी है। बताया गया कि इस गीत की रिकॉर्डिंग 1 मई 2026 को पूरी हो चुकी है और इसे स्वतंत्रता दिवस से करीब 15 दिन पहले आधिकारिक रूप से रिलीज किया जाएगा।
कल्याणी स्वरूपा ने बताया कि उनकी सफलता की शुरुआत एक फेसबुक पोस्ट से हुई। उन्होंने अपनी रचनाओं से जुड़ा पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसी पोस्ट को देखने के बाद Kumar Sanu की म्यूजिक कंपनी की डायरेक्टर पिट्टू कुमारी ने उनसे संपर्क किया। इसके बाद उन्हें मुंबई बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात खुद कुमार सानू से हुई। कल्याणी ने कहा कि बचपन से उनका सपना था कि उनके लिखे गीत किसी बड़े गायक की आवाज में गाए जाएं और अब उनका यह सपना सच होता नजर आ रहा है।
कल्याणी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही लिखने का शौक था। छोटी उम्र में ही वे कविताएं और गीत लिखा करती थीं। उनकी मां उनकी पुरानी रचनाओं को संभालकर रखती थीं। स्कूल की नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लेखन को कभी नहीं छोड़ा। वे लगातार लिखती रहीं और आज उनकी मेहनत पूरे देश के सामने मिसाल बनकर उभर रही है।
उनकी सहेली और उच्च माध्यमिक विद्यालय बलुआ की प्रिंसिपल डॉ. अर्चना कुमारी ने कहा कि कल्याणी बचपन से ही कुछ अलग करने का सपना देखती थीं। वहीं छात्रों ने भी अपनी शिक्षिका की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि अब उनकी मैडम का लिखा गीत पूरा देश सुनेगा। इस उपलब्धि ने बच्चों के भीतर भी अपने सपनों को पूरा करने का आत्मविश्वास जगाया है।
सुपौल जैसे छोटे जिले से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाली कल्याणी स्वरूपा आज उन लाखों युवाओं और शिक्षकों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।

0 टिप्पणियाँ