मधेपुरा सदर अस्पताल में FCM थैरेपी शुरू, एनीमिया व गर्भवती महिलाओं को मिलेगा बेहतर इलाज

 

मधेपुरा: जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। यहां एफसीएम (Ferric Carboxymaltose) थैरेपी की शुरुआत की गई है। इस नई सुविधा का उद्घाटन बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने ऑनलाइन माध्यम से किया। इस मौके पर अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में उत्साह का माहौल देखा गया।

इंट्रावेनस (IV) इंजेक्शन आधारित आधुनिक इलाज

सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बताया कि एफसीएम थैरेपी गंभीर एनीमिया (शरीर में आयरन की कमी) के इलाज की एक अत्याधुनिक और प्रभावी पद्धति है। यह इंट्रावेनस (IV) इंजेक्शन के माध्यम से दी जाती है, जिससे शरीर में आयरन की मात्रा तेजी से बढ़ती है।

इससे मरीजों को कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याओं से जल्द राहत मिलती है।

किन मरीजों को होगा फायदा

यह थैरेपी विशेष रूप से इन मरीजों के लिए लाभकारी मानी जा रही है:

गर्भवती महिलाएं

ऑपरेशन से पहले के मरीज

वे लोग जिन पर आयरन की गोलियों का असर नहीं होता

डॉक्टरों के अनुसार, इस उपचार से कम समय में बेहतर परिणाम मिलते हैं और मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है।

अब नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर

इस सुविधा के शुरू होने से अब मधेपुरा जिले के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। इससे बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और मरीजों के समय व खर्च दोनों की बचत होगी।

अस्पताल प्रशासन ने इसे जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। आने वाले समय में ऐसी और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है, जिससे आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके।

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