भागलपुर | 20 मार्च 2026
सिल्क सिटी की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। ओवरलोड ट्रैफिक और मरम्मत के अभाव में पुल की संरचना कमजोर होती दिख रही है। पिलर नंबर 17, 18 और 19 के आसपास सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) के क्षतिग्रस्त होने से खतरा और बढ़ गया है।
पिलर पर सबसे ज्यादा असर
जानकारी के अनुसार गंगा की तेज धारा के कारण गंगा नदी के बीच बने पिलर नंबर 17, 18 और 19 के प्रोटेक्शन वॉल टूट गए हैं। एक दीवार पूरी तरह बह चुकी है, जबकि अन्य हिस्सों में भी दरार और झुकाव देखा गया है। इससे पिलरों की नींव पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
क्षमता से ज्यादा ट्रैफिक
पुल से प्रतिदिन करीब 35 से 40 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजर रहे हैं। दो लेन वाले इस पुल पर भारी ट्रकों और ओवरलोड गाड़ियों की आवाजाही से स्ट्रक्चर पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
ऊपर का ढांचा भी जर्जर
पुल की सड़क कई जगहों पर टूट चुकी है। सुरक्षा रेलिंग गायब है और एक्सपेंशन ज्वाइंट्स में दरारें साफ दिख रही हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
मेंटेनेंस में देरी
सूत्रों के मुताबिक पिछले कई वर्षों से पुल की समग्र मरम्मत नहीं की गई है। मेंटेनेंस को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी भी सामने आ रही है।
नया पुल बना उम्मीद
प्रशासन का कहना है कि विक्रमशिला सेतु के समानांतर नए पुल का निर्माण कार्य जारी है। इसके पूरा होने के बाद मौजूदा पुल पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।

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