नवीन निषाद का बड़ा हमला: भ्रष्टाचार करने वाले बचे, शिकायतकर्ता पर FIR!

भ्रष्टाचार उजागर करने वालों पर कार्रवाई का आरोप, विधायक से मांगा जवाब : नवीन कुमार निषाद

आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी नवीन कुमार निषाद ने सड़क निर्माण में कथित अनियमितता के मामले में आवाज उठाने वाले लोगों पर कार्रवाई किए जाने को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय विधायक नरेंद्र नारायण यादव पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वाले संवेदक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।

बुधवार को जारी बयान में नवीन कुमार निषाद ने दावा किया कि संबंधित कोसी नदी से कटाव को रोकने के लिए कटाव निरोधी निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता ने भी निर्माण कार्य में गड़बड़ी की बात स्वीकार करते हुए उसे हटाने की बात कही थी। इसके बावजूद संवेदक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में विरोध करने वाले नीतीश पटेल और गौरव पासवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और नीतीश पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया ।

पूर्व प्रत्याशी ने कहा कि विधायक नरेंद्र नारायण यादव आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं और पूरे क्षेत्र की जनता के अभिभावक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के हरजोराघाट दौरे के दौरान भी गिरफ्तार युवक के परिजनों ने उनसे न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई पहल नहीं हुई।

नवीन कुमार निषाद ने कहा कि वे विधायक के अच्छे कार्यों की सराहना करते रहेंगे और गलत कार्यों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना उनका अधिकार है और किसी भी झूठे मुकदमे से इस आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आवेदन पर 2 अगस्त की तिथि अंकित है, जबकि प्राथमिकी 4 अगस्त को दर्ज की गई और आवेदन पत्र पर अंतिम में घटना की तारीख़ 31-07-26 जोड़ा गया है । उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि रंगदारी मांगने के आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य है तो उसे सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि ऐसे साक्ष्य नहीं हैं तो भ्रष्टाचार उजागर करने वालों पर दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।और इस भ्रष्टाचार के मामले में ई नबीन निषाद ने बताया की हम जिला पदाधिकारी महोदय से दूरभास पर बात भी किए और श्रीमान जी के द्वारा बताया गया की मेरे व्हाटसप पर भेज दिए उसके बाद भी संवेदक और सलिप्त अधिकारी पर कार्यवाही नही हुई और उल्टे झूठा मुक़दमा में भ्रष्टाचार का उजागर करने वाले पर ही कार्यवाही हुई ये कहाँ तक न्यायसंगत है?और एसपी साहेब से भी आग्रह है की सोनामुखी थाना कांड संख्या 94/26 को अपने स्तर से जांच कर इस झूठे केस को खत्म कर निर्दोष लोगों को बरी करने की कृपा करें ताकि आगे कोई भी भ्रष्टाचार की घटना को लोग निर्भीक होकर आवाज़ उठा सकें अगर न्याय नहीं मिलता है तो आगे भ्रष्टाचार की शिकायत कोई डर से नहीं करेगा आप ईमानदार और निष्पक्ष पदाधिकारी के रूप में आपकी पहचान है आपसे निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद रखता हूँ ।

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