भागलपुर में ‘फैमिली’ बनकर चल रहा था देह व्यापार का गंदा खेल, जोगसर पुलिस का बड़ा खुलासा


 भागलपुर (बिहार): सिल्क सिटी के पॉश इलाके में एक बार फिर अनैतिक गतिविधियों का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जोगसर थाना क्षेत्र के सतीश सरकार लेन में पुलिस ने छापेमारी कर देह व्यापार के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मकान मालिक की लापरवाही भी जांच के घेरे में आ गई है।

‘फैमिली’ बनकर लिया था किराए का मकान

पुलिस के अनुसार, इस अवैध धंधे का मुख्य संचालक संजीत (नाथनगर निवासी) था, जिसने मकान मालिक को झांसा देकर खुद को विवाहित बताया। उसने एक महिला को अपनी पत्नी और दूसरी को रिश्तेदार बताकर कमरा किराए पर लिया था। इसके बाद वह यहां अन्य महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार का संचालन कर रहा था।

पड़ोसियों की सतर्कता से खुला राज

स्थानीय लोगों ने पिछले कुछ दिनों से घर में लगातार अजनबी महिलाओं के आने-जाने पर शक जताया। जब गतिविधियां संदिग्ध लगीं, तो उन्होंने गुप्त रूप से जोगसर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मंटू कुमार के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को छापेमारी की।

आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए आरोपी

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से संजीत और कटिहार जिले की दो महिलाओं को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया। तीनों को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। साथ ही महिलाओं के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।

मकान मालिक की भूमिका भी जांच में

जांच के दौरान यह सामने आया कि मकान मालिक ने किराएदार का कोई पुलिस सत्यापन नहीं कराया था और न ही इसकी सूचना थाने को दी थी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पुलिस अब मकान मालिक से भी पूछताछ कर रही है और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने इस मामले में अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। आगे की कार्रवाई जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

📊 केस से जुड़ी मुख्य जानकारी

मुख्य आरोपी: संजीत (नाथनगर, भागलपुर)

सह-आरोपी: दो महिलाएं (कटिहार निवासी)

स्थान: सतीश सरकार लेन, जोगसर थाना क्षेत्र

तरीका: पत्नी और रिश्तेदार बताकर मकान किराए पर लेना

कानूनी कार्रवाई: अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

विशेष बिंदु: मकान मालिक का पुलिस सत्यापन नहीं कराना

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