भागलपुर/मालदा | 28 फरवरी, 2026:
मानवता को झकझोर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। नाथनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर महज 15 से 30 दिन की एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पाई गई, जिससे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की तत्परता और संवेदनशीलता से समय रहते बच्ची की जान बचा ली गई।
📲 ‘रेल मदद’ पोर्टल से मिली सूचना, देवदूत बनकर पहुंची RPF
यह घटना शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। रेलवे के ‘रेल मदद’ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई कि नाथनगर स्टेशन पर एक छोटी बच्ची अकेली पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता और मंडल सुरक्षा आयुक्त असीम कुमार कुल्लू के निर्देश पर RPF की टीम तुरंत हरकत में आ गई।
🚔 प्लेटफॉर्म पर मिली नवजात, कोई दावा करने नहीं आया सामने
RPF की टीम तत्काल प्लेटफॉर्म नंबर-02 पर पहुंची, जहां उन्होंने एक नन्ही बच्ची को लावारिस हालत में पाया। टीम ने आसपास मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों से काफी पूछताछ की, लेकिन कोई भी बच्ची को पहचानने या उस पर दावा करने सामने नहीं आया।
👶 ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत सुरक्षित संरक्षण
बच्ची की नाजुक हालत और सुरक्षा को देखते हुए RPF ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत त्वरित कार्रवाई की।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
सुरक्षित संरक्षण: बच्ची को तुरंत स्टेशन परिसर से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
चाइल्डलाइन को सूचना: भागलपुर की चाइल्डलाइन टीम को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
कानूनी प्रक्रिया पूरी: सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद बच्ची को चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि उसकी समुचित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
🤝 RPF की सराहनीय पहल
मालदा मंडल के रेलवे सुरक्षा बल ने एक बार फिर साबित किया कि वे केवल रेल संपत्ति की सुरक्षा ही नहीं करते, बल्कि मानवीय मूल्यों के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के माध्यम से RPF लगातार ऐसे बच्चों की सुरक्षा कर रही है, जो किसी कारणवश अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं या निर्दयता से छोड़ दिए जाते हैं।


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